1. होम पेज
  2.  / 
  3. ब्लॉग
  4.  / 
  5. Morgan AeroMax रिव्यू: जब वक़्त थम गया
Morgan AeroMax रिव्यू: जब वक़्त थम गया

Morgan AeroMax रिव्यू: जब वक़्त थम गया

शाम रात में बदल चुकी थी और गर्मी आखिरकार कम हो गई थी। फ़र्श के एल्युमिनियम पैनल ठंडे हो रहे थे और आधी खुली खिड़कियों से ताज़ी हवा के साथ V8 इंजन की तेज़ आवाज़ भीतर आ रही थी। चौड़े अगले फ़ेंडरों में गहराई तक लगी ज़ेनॉन हेडलाइटें सामने की जानी-पहचानी सड़क को रोशन कर रही थीं। एक गड्ढे से बचने के लिए लंबा बोनट दाईं ओर मुड़ा; चढ़ाई के शिखर के ठीक पार बाईं ओर एक ऐसा मोड़ था जिसे तेज़ी से लिया जा सकता था। आखिरकार Morgan AeroMax खुलकर अपना असली रूप दिखा सकता था: संकरी देहाती सड़कों के लिए बनी एक सच्ची स्पोर्ट्स कार।

सभी AeroMax फ़ास्टबैक 2008 और 2009 में बनाए गए थे। Morgan का कारखाना हर साल 500 से 700 कारें हाथ से असेंबल करता है।

Morgan AeroMax क्या है?

AeroMax की शुरुआत एक निजी ऑर्डर से हुई थी। 2004 में स्विस बैंकर एरिक स्टर्डज़ा कंपनी के संस्थापक एच.एफ.एस. मॉर्गन के पोते चार्ल्स मॉर्गन के पास एक साधारण अनुरोध लेकर आए: Aero 8 रोडस्टर का कूपे संस्करण बना दीजिए। सिर्फ़ एक कार, उनके निजी संग्रह के लिए।

डिज़ाइन का काम 21 वर्षीय मैथ्यू हम्फ़्रीज़ को मिला, जिन्होंने कुछ ही समय पहले बिना किसी ख़ास योजना के अपना सीवी Morgan को भेजा था। उस समय मालवर्न लिंक के कारखाने में कोई और ऐसा व्यक्ति नहीं था जो कूपे का डिज़ाइन तैयार करने की ज़िम्मेदारी ले सके। हम्फ़्रीज़ की किस्मत अच्छी थी।

AeroMax को पहली बार जिनेवा मोटर शो में दिखाया गया और कुछ ही दिनों में लोगों की प्रतिक्रिया ऑर्डरों में बदल गई: Morgan ने ठीक 100 कारों की सीमित श्रृंखला की घोषणा की। इस रिव्यू की कार का क्रमांक 91 है।

मुख्य तथ्य:

  • उत्पादन: सिर्फ़ 100 कारें
  • बॉडी: दो सीटों वाली ग्रैंड टूरिंग कूपे
  • इंजन: BMW N62B48 V8, 4.8 लीटर, नैचुरली एस्पिरेटेड
  • पावर: 368 hp और 490 Nm टॉर्क
  • गियरबॉक्स: 6-स्पीड ZF ऑटोमैटिक (मैनुअल भी उपलब्ध था)
  • कर्ब वेट: 1,180 kg
  • अधिकतम रफ़्तार: 270 km/h
  • ईंधन टैंक: 55 लीटर, लगभग 300 km के लिए पर्याप्त
  • यूरोप में कीमत: लगभग €200,000
किसी कार को कलाकृति कहने की वजह हमें बहुत लंबे समय बाद मिली है।

डिज़ाइन और बॉडी: हाथों से बनी, परंपरा से सँवरी

AeroMax उन आधुनिक सुपरकारों से भी ज़्यादा ध्यान खींचती है जिनकी कीमत कहीं अधिक है। इसका लंबा बोनट, छत की घुमावदार रेखा और तेज़ मोटरबोट के पिछले हिस्से जैसी आकृति वाला पिछला भाग इसे सड़क पर मौजूद हर दूसरी कार से अलग बनाते हैं।

इसका पिछला हिस्सा इसकी सबसे अनोखी ख़ासियतों में से एक है: इसमें Lancia Thesis सेडान की टेललाइटें लगी हैं और यहाँ वे मूल Lancia से भी बेहतर लगती हैं। विंडस्क्रीन इतनी नीची और सपाट है कि सामान्य दो वाइपरों के बजाय तीन छोटे वाइपर ब्लेड लगाने पड़े।

डिज़ाइन की सबसे उल्लेखनीय ख़ासियतें:

  • अगले फ़ेंडरों की सतह के बराबर बैठाई गई ज़ेनॉन हेडलाइटें
  • दो पिन वाले कैच से बंद होने वाला एक टुकड़े का बोनट, जैसा युद्धकालीन सैन्य वाहनों, मसलन GAZ-67, में होता था
  • बिजली से खुलने वाली पीछे की साइड खिड़कियाँ — सामान रखने की जगह तक पहुँचने का एक सुंदर और अनोखा तरीका
  • ऐश की लकड़ी के ढाँचे पर हाथ से फ़िट किए गए एल्युमिनियम बॉडी पैनल

निर्माण की गुणवत्ता का अलग से ज़िक्र होना चाहिए। पैनलों के बीच के फ़ासले एकसमान हैं, हिस्से एक ही सतह पर सटीक बैठते हैं और वेल्डिंग के जोड़ बेदाग़ हैं। मालवर्न लिंक के कारीगर कहीं अधिक महँगे इतालवी कोचबिल्डरों की फ़िनिश को आसानी से पीछे छोड़ देते हैं।

छोटे दरवाज़े का हैंडल लगभग सबसे नीचे लगा है।

केबिन: लकड़ी, चमड़ा और प्लास्टिक का नामोनिशान नहीं

AeroMax में बैठना आसान नहीं है। छत लगभग कमर की ऊँचाई पर है और हैंडल दरवाज़े के निचले हिस्से के पास लगा है। पुरानी Citroën या क्लासिक ब्रिटिश सेडान जैसा एक कड़ा मैकेनिकल बटन दबाने पर एल्युमिनियम के कब्ज़ों पर लगा भारी दरवाज़ा खुलता है। उसके नीचे चौड़ी दहलीज़ है, जिसके भीतर मुख्य संरचनात्मक बीम छिपी हुई है।

अंदर कहीं भी प्लास्टिक की ट्रिम नहीं है। केबिन में इस्तेमाल हुआ है:

  • ढाँचे के लिए ऐश की लकड़ी
  • हर ओर हाथ से सिला हुआ चमड़ा
  • ब्रश्ड एल्युमिनियम के स्विच और कंट्रोल
  • लगभग सीधे खड़े डैशबोर्ड पर फैले VDO मीटर
  • ओडोमीटर दिखाने वाला एक छोटा डिजिटल डिस्प्ले

ड्राइवर नीचे बैठता है और पैर आगे की ओर एक संकरी जगह में फैलाता है, जिसमें फिर भी दो पैडल समा जाते हैं, या मैनुअल गियरबॉक्स वाली कारों में तीन। रियर-व्यू मिरर बहुत काम का नहीं है: उसमें ज़्यादातर पीछे की खिड़की के खंभे और साइड खिड़कियों के फ़्रेम दिखाई देते हैं।

ड्राइवर को केंद्र में रखकर बनाए गए इंटीरियर का एहसास ठीक ऐसा ही होना चाहिए। इसे देखने से पहले शायद आप किसी खुरदुरी और साधारण चीज़ की उम्मीद करें। इसमें बैठने के बाद टचस्क्रीन का ख़याल ही भूल जाते हैं।

इस शानदार केबिन को छोड़ने का मन नहीं करता और इससे निकलना शारीरिक रूप से भी कठिन है: सीट की गद्दी संकरी है और बंद दरवाज़ा आपके बाएँ हाथ पर दबाव डालता है। स्टीयरिंग व्हील की ऊँचाई और दूरी समायोजित की जा सकती है।

इंजन और परफ़ॉर्मेंस: ब्रिटिश कार में अमेरिकी आवाज़ वाला V8

Morgan पहले भी V8 इंजन इस्तेमाल कर चुकी थी। 1968 की Plus 8 रोडस्टर में Rover का 3.5-लीटर इंजन था, जो 161 hp देता था। 900 kg वज़न वाली उस कार को उस दौर की ब्रिटेन की सबसे तेज़ प्रोडक्शन कार बनाने के लिए इतना काफ़ी था: 0 से 100 km/h केवल 6.7 सेकंड में। AeroMax इससे बहुत आगे जाती है।

BMW N62B48 एक जटिल नैचुरली एस्पिरेटेड 4.8-लीटर V8 है। इसकी ख़ासियतों में से एक यह थी कि यह लगातार बदलने वाले इनटेक मैनिफ़ोल्ड वाला दुनिया का पहला इंजन था, जिससे पूरे रेव रेंज में एकसमान खिंचाव मिलता है। हालाँकि, 1,180 kg वज़न वाली कार में इस परिष्कृत तकनीक का ख़ास महत्व नहीं रह जाता। शायद मामूली ट्यूनिंग वाला चार-सिलिंडर इंजन भी पर्याप्त होता।

यात्री के सामने एयरबैग, एक छिपा हुआ खाना और एक चौड़ी शेल्फ़ है, जिसमें 12-वोल्ट का सॉकेट भी लगा है। धातु के दरवाज़े के हैंडल पर ध्यान दें।

हैरानी इस बात की है कि इस कार में N62 की आवाज़ कैसी है। Morgan का बनाया एग्ज़ॉस्ट सिस्टम सुचारु रूप से चलने वाले, ऊँचे रेव पसंद करने वाले BMW इंजन को गहरी, गड़गड़ाती आवाज़ देता है, जो बवेरिया की सेडान से ज़्यादा किसी अमेरिकी मसल कार की लगती है। आप मज़े के लिए इसे रेव लिमिटर तक नहीं घुमाते; यह 3,000 rpm से ज़ोरदार खिंचाव देता है और तब तक रुकने का नाम नहीं लेता जब तक रफ़्तार समस्या न बन जाए। बिना गति सीमा वाली सड़क पर असली सीमा सिर्फ़ ईंधन से तय होने वाली दूरी है: 55 लीटर में लगभग 300 km चलने पर आपको ड्राइविंग से मन भरने से पहले ही ईंधन भरवाने रुकना पड़ेगा।

परफ़ॉर्मेंस के मुख्य आँकड़े:

  • 0 से 100 km/h: लगभग F10 पीढ़ी की BMW M5 जितनी तेज़
  • 3,000 rpm से लेकर 270 km/h तक ज़ोरदार खिंचाव
  • ड्रैग गुणांक: Cd 0.39, जो कोई ख़ास अच्छा आँकड़ा नहीं है, मगर इंजन पर इसका असर महसूस नहीं होता
  • एग्ज़ॉस्ट की आवाज़ आइडल पर भी सुनाई देती है और 2,000 rpm से ऊपर तेज़ हो जाती है
स्टीयरिंग कॉलम पर लगे धातु के गियरशिफ़्ट पैडल महँगे लगते हैं और अपनी सुखद खुरदरी बनावट वाला लाइट स्विच भी वैसा ही एहसास देता है।

चेसिस और हैंडलिंग: पुराना तरीका, बेहतरीन अमल

AeroMax का प्लेटफ़ॉर्म Morgan के GT2 रेसिंग कार्यक्रम से आया है: इस रोड कार के आने से लगभग 30 साल पहले यही एल्युमिनियम स्पेस फ़्रेम रेसिंग में इस्तेमाल होता था। चेसिस इंजीनियर क्रिस लॉरेंस, जो 1960 के दशक में रेसिंग ड्राइवर थे, समझौतों में विश्वास नहीं रखते थे और AeroMax में उनका नज़रिया साफ़ दिखता है।

इस कार में क्या नहीं है:

  • इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम (ESP)
  • आगे या पीछे एंटी-रोल बार
  • सस्पेंशन के जोड़ों में रबर बुश (उनकी जगह रेसिंग कारों की तरह गोलाकार जोड़ लगे हैं)

एंटी-रोल बार के बिना कार बनाना Morgan की परंपरा है और यहाँ यह तरीका काम करता है। स्प्रिंग की कठोरता सही चुनी जाए तो हल्की कार को इनकी ज़रूरत नहीं होती। इन्हें हटाने से अक्सर मोड़ों पर पकड़ बेहतर होती है, क्योंकि वज़न एक तरफ़ से दूसरी तरफ़ अधिक धीरे-धीरे स्थानांतरित होता है। सस्पेंशन में Koni डैम्पर और Eibach स्प्रिंग लगे हैं: कम रफ़्तार पर यह कसा हुआ लगता है, लेकिन तेज़ चलने वाली सड़कों पर इसमें असली लचीलापन दिखता है और यह ऊबड़-खाबड़ सतह को अच्छी तरह सोख लेता है।

स्टीयरिंग तेज़ प्रतिक्रिया वाला है और एक छोर से दूसरे छोर तक 2.4 चक्कर लेता है, लेकिन सीधे चलते समय शांत रहता है: 200 km/h से ऊपर भी कार इधर-उधर नहीं भागती। व्हीलबेस दो दरवाज़ों वाली Mercedes-AMG GT से लगभग 20 cm छोटा है, जिससे प्रतिक्रिया में वह देरी दूर हो जाती है जो अक्सर पीछे वज़न वाली कारों में महसूस होती है। आप स्टीयरिंग घुमाते हैं और AeroMax उसी के साथ मुड़ जाती है। पिछले पहियों पर पड़ता भार साफ़ महसूस होता है: तेज़ी से आने वाले लगातार मोड़ों में बॉडी बाहरी पहिए पर झुकती है, फिर एक्सेलरेटर देने पर पिछला हिस्सा थोड़ा फिसलता है और तब तक कार अगले मोड़ की ओर निशाना साध चुकी होती है।

फ़िक्स्ड कैलिपर वाले AP Racing ब्रेक बार-बार कड़े इस्तेमाल के बाद भी दमदार रहते हैं। एकमात्र कमज़ोर कड़ी ऑटोमैटिक गियरबॉक्स है: तुरंत मैनुअल मोड चुनें, वरना नरम टॉर्क कन्वर्टर एक्सेलरेटर की प्रतिक्रिया को सुस्त कर देगा। ऊँचे लीवर से ख़ुद गियर बदलें तो पूरी कार अधिक चुस्त लगती है और हैरानी की हद तक किसी पुरानी रेसिंग कार के क़रीब पहुँच जाती है।

V8 इंजन पूरी तरह व्हीलबेस के भीतर बैठा है: AeroMax में इंजन आगे है, लेकिन अगले एक्सल के पीछे, यानी फ़्रंट मिड-इंजन लेआउट।

AeroMax के साथ रोज़मर्रा: शहर और खुली सड़क

AeroMax शहर के लिए नहीं बनी है और वह ऐसा होने का दिखावा भी नहीं करती। शहर में:

  • दृश्यता बहुत ख़राब है: नीची विंडस्क्रीन, लंबा बोनट और पीछे बड़े ब्लाइंड स्पॉट
  • ड्राइवर पिछले एक्सल के पास बैठता है, जिससे चौराहों पर देखना मुश्किल होता है
  • कम रफ़्तार पर सस्पेंशन कड़ा महसूस होता है, हालाँकि झटके बेरहमी से नहीं लगते
  • हर ट्रैफ़िक सिग्नल पर BMW V8 गड़गड़ाता है
सीट का आकार बहुत अच्छा है, इसलिए आराम से बैठने के लिए बुनियादी एडजस्टमेंट ही पर्याप्त हैं।

इनमें से कोई भी बात असली समस्या नहीं है, क्योंकि AeroMax जहाँ रुकती है वहाँ भीड़ जुट जाती है और लोगों का ध्यान हमेशा आत्मीय और उत्सुक होता है, विरोधी नहीं। यूरोप में €200,000 की कीमत पर यह कहीं अधिक महँगी हाइपरकारों से भी ज़्यादा दिलचस्पी जगाती है।

खुली सड़कें ही AeroMax की असली जगह हैं। चौड़ी मुख्य सड़कें तेज़ रफ़्तार पर इसकी स्थिरता और ग्रैंड टूरर के गुण दिखाती हैं; संकरी घुमावदार सड़कें बाकी सब कुछ सामने ले आती हैं। यह कार उस तरह की ड्राइविंग के लिए बनी है जिसने शुरू से ब्रिटिश स्पोर्ट्स कारें चलाने को सार्थक बनाया था: 1960 के दशक में किसी घुमावदार देहाती सड़क पर MGB या Morgan Plus 4 के पीछे चलना। AeroMax उसी भावना को आगे बढ़ाती है और ऐसा करते हुए महज़ भावुकता तक सीमित नहीं हो जाती।

Morgan की कहानी: एक परिवार, लकड़ी और मालिकाना हक़ में बदलाव

Morgan Motor Company की स्थापना 1909 में हुई थी और उसने हल्के तीन-पहिया वाहनों से शुरुआत की थी। 2001 तक हर Morgan में लकड़ी ही मुख्य संरचनात्मक सामग्री थी: ऐश की लकड़ी के भार उठाने वाले फ़्रेम कारों को उनका ख़ास चरित्र और बनावट देते थे। आज भी बॉडी के फ़्रेम में लकड़ी मौजूद है, लेकिन संरचनात्मक काम एल्युमिनियम स्पेस फ़्रेम करता है।

चार्ल्स मॉर्गन ने कंपनी के आधुनिक विकास के बड़े हिस्से की अगुआई की थी, जिसमें एल्युमिनियम वाली कारें और तीन-पहिया वाहनों की वापसी शामिल थीं। अंत में उन्हें उन निदेशकों ने बोर्ड से हटा दिया, जिन्हें विकास को लेकर उनका तरीका कारोबार के लिए अनुपयुक्त लगता था।

2019 में Morgan Motor Company की नियंत्रक हिस्सेदारी निवेश फ़ंड Investindustrial ने खरीद ली। इसी फ़ंड के पास इतालवी मिठाई व्यवसाय, रसायन कंपनियाँ और इलेक्ट्रिक हाइपरकार निर्माता Rimac भी हैं। Morgan और Rimac से अधिक अलग विचारों वाले दो कार निर्माताओं की कल्पना करना मुश्किल है।

अब जब मॉर्गन परिवार का कोई व्यक्ति कंपनी नहीं चलाता, तो क्या कारों का एहसास बदल गया है — यह सवाल किसी दूसरे रोड टेस्ट के लिए है। एक फ़र्क़ अभी से दिखाई देता है: मौजूदा Supersport रोडस्टर के डैशबोर्ड में बड़ा डिजिटल डिस्प्ले लगा है, जो इस समीक्षक की राय में इंटीरियर को पूरी तरह बिगाड़ देता है।

AeroMax में R50 और R53 पीढ़ी की Mini की हेडलाइटें लगी हैं। उनका थोड़ा अजीब दिखना आसानी से समझ आता है: Mini की बाईं हेडलाइट दाईं ओर लगी है और दाईं वाली बाईं ओर।

निष्कर्ष: देहाती सड़कों पर सबसे प्रभावशाली ब्रिटिश स्पोर्ट्स कार

Morgan AeroMax ऐसी कार नहीं है जिसकी तुलना आप Porsche से करें। इसलिए नहीं कि Porsche बेहतर या बदतर है, बल्कि इसलिए कि तुलना का कोई मतलब नहीं, जैसे इस बात पर बहस करना कि लकड़ी के फ़्रेम वाला घर कंक्रीट के घर से ख़राब है या नहीं। अलग सामग्री, अलग चरित्र और ड्राइवर व मशीन के बीच अलग रिश्ता।

समान महत्वाकांक्षा वाली Aston Martin या Jaguar के मुक़ाबले AeroMax की ख़ूबी यह है कि वह अपनी कमज़ोरियाँ छिपाने के लिए पावर का सहारा नहीं लेती। वे कारें अपने वज़न का जवाब हॉर्सपावर से देती हैं। Morgan को किसी चीज़ की भरपाई नहीं करनी पड़ती। नतीजा एक हल्की, स्वाभाविक रूप से संतुलित स्पोर्ट्स कार है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स से छनकर और नियंत्रित होकर आने वाले प्रदर्शन के बजाय ड्राइवर को सड़क का स्पष्ट एहसास और ड्राइविंग में भागीदारी देती है।

शुरुआत में Morgan Aero 8 केवल सॉफ़्ट टॉप वाली रोडस्टर के रूप में बिकती थी, लेकिन एक हार्डटॉप विशेष एक्सेसरी के तौर पर मिलता था, जिसे हाथ से लगाना और उतारना पड़ता था। AeroMax इस परिवार की पहली असली कूपे थी।

फ़ोटो: व्लादिमीर मेलनिकोव
यह एक अनुवाद है। मूल लेख आप यहाँ पढ़ सकते हैं: Morgan AeroMax: когда время остановилось

आवेदन करें
कृपया नीचे दिए गए फ़ील्ड में अपना ईमेल टाइप करें और "सदस्यता लें" पर क्लिक करें
सबस्क्राइब करें और अंतर्राष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने और उसका इस्तेमाल करने के बारे में पूर्ण निर्देश प्राप्त करें, साथ ही विदेश में ड्राइवरों के लिए सलाह भी प्राप्त करें